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May, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मैं आपको बेवकूफ बनाना चाहता हूँ? क्या आप बनना चाहेंगे?

यहाँ मैं दो चित्र लगा रहा हूँ और दावा कर रहा हूँ कि आप इन चित्रों


के सहारे अपने हाई ब्लड प्रेशर, शुगर को नॉर्मल कर सकते हैं। हर तरह के तनाव से मुक्त हो सकते हैं। हर अवसाद और कुंठा से उबर सकते हैं। इतना ही नहीं खुद को अटेंटिव, फोकस्ड और क्रिएटिव बना सकते हैं। शराब की लत और नशे के आदी हो चुके लोगों को भी सामान्य मनुष्य बना सकते हैं। पढ़ने-लिखने, समझने और याद रखने की दिक्कत से आसानी से पार पा सकते हैं। विवाहयोग्य युवक-युवतियों को मनचाहा जीवन-साथी मिल सकता है।
मैं आपको और ज्यादा बेवकूफ बनाने के लिए कहूंगा कि इन चित्रों के साथ कुछ सिद्ध वाक्य भी आपको दिए जायेंगे। आपकी तकलीफ के लिहाज से अलग-अलग। जैसे कि हाई बीपी के लिए अलग, शुगर के लिए अलग, शराब छुड़ाने के लिए अलग, मनचाहे वर-वधू के लिए अलग-अलग, बीमारी और दुःख से उबारने के लिए अलग।
मैं यह भी कहूंगा कि इन दिए हुए वाक्यों को एक खास लय के साथ, एक खास अवधि में प्रतिदिन कम से कम सिर्फ नौ मिनट उच्चारित करने से सिर्फ एक महीने में आपको वह परिणाम मिल जाएगा, जिसके लिए आपने बेवकूफ बनना मंजूर किया है...
सिर्फ यह सब पढ़कर ही आप बेवकूफ नहीं माने जायेंगे, …

इधर फेसबुक पर चर्चित हुयी कुछ रचनाएं ...

कविता : एक बयान

तुम्हारी रसोई में वह जो बचा हुआ खाना है न! वही जिसे तुम मोहल्ले वालों की नजर बचाकर कूड़ेदान में फेंक आए हो, बस उतने ही खाने के लिए उस रोते हुए मासूम की माँ किसी शराबी के साथ फुटपाथ पर सो जाने को मजबूर है। बस उतने से ही खाने ने न जाने कितने ही चेहरों के निर्दोषपन को हर लिया है। बस उतने से खाने ने न जाने कितने दिलों को अलग-अलग धूरियों पर पहुंचा दिया है!
वो जो एक छोटी सी गड्डी तुमने अभी- अभी अपनी आलमारी की तिजोरी में हलके हाथों से फेंकी है न! बस उतने से ही पैसे के लिए न जाने कितने ही किसानों ने आत्महत्याएं की है! रोज न जाने कितने ही आँखों के सपने टूटे हैं बस उतने ही पैसों के लिए। बस उतने से ही पैसों के फर्क ने न जाने कितने ही वर्ग-संघर्ष पैदा किए और करते जा रहे हैं!
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तुम्हें स्वाद के लिए खाना है, उन्हें भूख के लिए
तुम्हें घूमना-फिरना है, मनोरंजन करना है, फैशन में बने रहना है; उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करनी है
तुम्हें जिंदगी के सारे सुख भोगने हैं, उन्हें किसी तरह ज़िंदा रहना है
तुम कहते हो कि सब कुछ तुमने अपनी योग्यताओं से अर्जित किया है और अर्जन ही तुम्हारी सफलता है, उन…