रविवार, 13 मार्च 2011

मेरा सपना तो देर तक चला पापा...



आज रविवार, स्कूल से छुट्टी का दिन, छोटी बिटिया सुबह देर तक सोती रही, उठी तो मैंने कहा, 'कितना सोती हो तुम सिया, तुम्हारी दोनों बहनें कब से उठ गयीं...' मेरी बात काटते हुए सिया ने कहा, 'उनका जल्दी ख़त्म हो गया होगा, लेकिन मेरा सपना तो देर तक चला पापा...'

नाव, नाविक और समुद्र

समग्र चैतन्य - पुष्पेन्द्र फाल्गुन मित्र ने कहा, ‘समंदर कितना भी ताकतवर हो, बिना छेद की नाव को नहीं डुबो सकता है.’ तो मैंने एक क...