शनिवार, 5 मार्च 2011

ख्वाब



तुम्हें देने के लिए
मेरे पास है
एक ख्वाब

एक ख्वाब
जिसका
मेरी नज़रें कर रही हैं बोसा

एक ख्वाब
जिसका
तुम्हारी नज़रें कर रही हैं बोसा

नाव, नाविक और समुद्र

समग्र चैतन्य - पुष्पेन्द्र फाल्गुन मित्र ने कहा, ‘समंदर कितना भी ताकतवर हो, बिना छेद की नाव को नहीं डुबो सकता है.’ तो मैंने एक क...